Hair Straightening Tips in Hindi
लड़कियों
में बालों को स्ट्रेट और कलर कराने का ट्रेंड चल रहा है। सभी अपनी खूबसूरती और
बालों की जरूरत को देखते हुए स्ट्रेटनिंग और हेयर स्मूदनिंग करा रही हैं। लेकिन
हममे से अभी भी बहुत सारी लड़कियां हैं जो हेयर स्ट्रेटनिंग और हेयर स्मूदनिंग को
लेकर थोड़ा कंफ्यूज हैं। दरअसल उन्हें समझ नहीं आता कि दोनों को कराने से
क्या-क्या फायदा मिलेगा और किस को कराने से बालों की खूबसूरती और भी ज्यादा निखऱ
जाएगी। ऐसे में जरूरी है कि हम हेयर स्ट्रेटनिंग और हेयर स्मूदनिंग के बीच का फर्क
समझें और जानें कि हमारे बालों के लिए कौन सा तरीका सही रहेगा। तो चलिए जानते हैं
इन दोनों के बीच के फर्क के बारे में-
हेयर
स्मूदनिंग - Hair Smoothning
हेयर
स्मूदनिंग उन महिलाओं के लिए बेहतर ऑप्शन है जिनके बाल थोड़ा कर्व और वेवी हैं।
साथ ही ये आपके बिखरे हुए बालों को मैनेज करने का भी काम करता है। जिससे
आपके फ्रिजी, डल और स्प्लिट एंड्स भी सही हो जाते हैं। लेकिन हेयर स्मूदनिंग करने
के लिए भी केमिकल्स का ही इस्तेमाल किया जाता है जोकि आपके बालों को सही स्ट्रक्चर
में लाने में मदद करता है। लेकिन हेयर स्मूदनिंग भी तब आपके बालों के लिए सही
साबित होगा जब आप हेयर स्मूदनिंग के बाद यूज होने वाले शैम्पू और कंडीशनर का
इस्तेमाल करेंगी। बता दें कि ऐक्चुअल स्मूदनिंग करान के लिए किसी भी तरह की
आयरिंग का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसमें केवल बालों के टैक्सचर को इंप्रूव
किया जाता है। लेकिन अगर आप इसके बाद बालों को स्ट्रेट देखना पसंद करती हैं तो
उसके लिए एक बार आयरिंग करानी पड़ेगी।
रीबॉन्डिंग - Rebonding
रीबॉन्डिंग में आपके बालों को सीधा किया जाता है। रीबॉन्डिंग कराने के बाद
आपके बाल काफी लंबे समय तक सीधे रहते हैं। अगर आपको रीबॉन्डिंग के बाद अच्छा
रिजल्ट चाहिए तो आप इसे घर पर करने के बजाए किसी एक्सपर्ट की मदद से ही कराएं। इस
प्रक्रिया को कराते वक्त पहले आप अपने बालों पर अच्छे से ध्यान दें। अगर आपके बाल
पतले और कमजोर हैं तो आप रीबॉन्डिंग न कराएं क्योंकि इससे और भी ज्यादा बाल टूटने
की दिक्कत आपको हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि ये ट्रीटमेंट लेने से पहले आप एक
बार हेयर स्पेशलिस्ट से इस बारे में संपर्क जरूर कर लें। अगर आप रीबॉन्डिंग अपने
बालों में कराती हैं तो आपको अपने बालों की और भी ज्यादा देखरेख करने की जरूरत
होती है।
स्ट्रेटनिंग - Straightening
अगर आपके बाल काफी ज्यादा घुंघराले हैं तो आप अपने बालों में रिबॉन्डिंग
नहीं बल्कि स्ट्रेटनिंग कराएं। वहीं अगर बात करें स्ट्रेटनिंग और रिबॉन्डिंग के
बीच के फर्क के बारे में तो बालों को सीधा कराने के लिए रिबॉन्डिंग ज्यादा असरदार
होता है। दरअसल ये काफी ज्यादा समय तक इफेक्टिव होता है। बता दें कि रिबॉन्डिंग के
लिए हार्ड केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि स्ट्रेटनिंग के लिए ज्यादा हार्ड
केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।स्ट्रेटनिंग का प्राइज भी रिबॉन्डिंग से
थोड़ा कम होता है।
बालों को स्वस्थ रखने के कुछ घरेलू टिप्स
1.
बालों को धोने से पहले बालों में तेल लगाना न
भूलें। इसके लिए ऑयल को हल्का गुनगुना करके अपने बालों में लगाएं।
2. अगर आपके बालों
में रूसी है तो आप अपने बालों में दही और नींबू का रस मिलाकर लगाएं। इस पैक को कम
से कम 45 मिनट तक अपने बालों में लगाए और फिर माईल्ड शैम्पू से अपने बालों को धो
लें।
3.
अगर आपके बाल काफी ज्यादा झड़ रहे हैं तो आप एक
अंडे में दही और नींबू का रस मिलाकर अच्छे से फेट लें। अब इस हेयर मास्क को अपने
बालों में लगाकर करीब 30 मिनट तक छोड़ दें और फिर माईल्ड शैम्पू से अपने बालों को
धो लें। लेकिन ध्यान रहे कि बालों में अंडा लगाने के बाद बालों को गर्म पानी से
भूलकर भी न धूलें।
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